भजन लाल शर्मा का जीवन परिचय | BHAJAN LAL SHARMA BIOGRAPHY IN HINDI

कौन है भजन लाल शर्मा का जीवन परिचय | Bhajan Lal Sharma Biography In Hindi राजस्थान के मुख्यमंत्री का नाम पता फोन नंबर जीवनी हिस्ट्री. भजनलाल शर्मा का राजनैतिक करियर, ताजा समाचार अपडेट, विवाद नवीनतम निर्णय.

2023 में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने छतीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में बिना चेहरे के चुनाव लड़ा। राजनीति के दिग्गजों को यह समझने में देर नहीं लगी कि इन राज्यों में बीजेपी सत्ता में आती है तो क्या होगा। MP में लगातार तीन बार सीएम रहे शिवराज सिंह चौहान को अपदस्थ कर मोहनलाल यादव को राज्य की बागडौर दी गई। राजस्थान में वसुंधरा राजे सिंधिया समेत सीनियर लीडरशिप को दरकिनार करते हुए एक आम कार्यकर्ता को प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी और शीर्ष नेतृत्व ने राज्य की कमान सौप दी। लम्बी राजनैतिक उठापटक के बाद राजस्थान में एक नये चेहरे को सीएम की कुर्सी दी गई वे राज्य के नये मुख्यमंत्री के रूप में श्री भजन लाल शर्मा को नामित किया गया।

भजन लाल शर्मा का जीवन परिचय (Bhajan Lal Sharma Biography in Hindi)
भजन लाल शर्मा का जीवन परिचय (Bhajan Lal Sharma Biography in Hindi)
भजनलाल शर्मा कौन हैं (Who is Bhajan Lal Sharma)

राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के नामों पर वसुंधरा राजे, बाबा बालकनाथ, राजकुमारी दिया कुमारी के नामों पर जोरो से चर्चा चल रही थी. आला कमान द्वारा भेजे गये पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह ने वसुंधरा राजे के द्वारा नामित भजनलाल शर्मा का नाम लिया गया तो अधिकतर विधायक उनके समर्थन में दिखे. यह पहला अवसर था जब राजस्थान के लोगों ने भजन लाल जी का नाम सुना. हालांकि वे संगठन के एक समर्पित कार्यकर्ता अवश्य रहे है. बड़ी बड़ी रैलियों के मुख्य आयोजन कर्ता की जिम्मेदारियां भी निभाई हैं. पार्टी कार्यकर्ता से शुरू हुआ यह सफर राज्य के मुख्यमंत्री तक का जीवन किस तरह रहा, इस जीवन परिचय में हम विस्तार से समझने वाले हैं.

भजन लाल शर्मा का जन्म और जन्म स्थान

56 वर्षीय भाजपा नेता व राजस्थान के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा का जन्म 15 दिसम्बर 1967 को भरतपुर जिले की कुम्हेर नंदबई तहसील के अटारी गाँव में हुआ था. एक आम परिवार में जन्मे शर्मा के राजनैतिक जीवन की शुरुआत अपने गृह राज्य में ही हुई. राजस्थान में भाजपा की भारी जीत के पीछे नरेंद्र मोदी और शीर्ष नेतृत्व की बड़ी भूमिका रही हैं. इस जीत का चेहरा मोदी और अमित शाह ने अपने विश्वस्त कार्यकर्ता भजन लाल शर्मा के सिर बाँधा हैं. ब्राह्मण समुदाय से आने वाले शर्मा पूर्वी राजस्थान से हैं. आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा की चुनाव नीति और जातीय समीकरण को साधने की कोशिश भी यकीनन इस निर्णय के पीछे रही होगी.

भजन लाल शर्मा की पत्नी, बेटा और परिवार

एक साधारण परिवार से आने वाले भजन लाल जी का परिवार भी एक मध्यम वर्गीय ब्राह्मण परिवार है. पूर्व में इनके परिवार या रिश्तेदारी में कोई राजनीति में भी सक्रिय नहीं रहे हैं. भजन लाल शर्मा जी शादीशुदा है. इनके दो बेटे हैं. बड़े बेटे का नाम अभिषेक शर्मा हैं जो वर्तमान में पढ़ाई के साथ साथ प्राइवेट जॉब भी करता हैं. छोटा बेटा कुणाल शर्मा एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा हैं.

भजन लाल शर्मा की व्यक्तिगत जानकारी

16वीं राजस्थान विधान सभा के चुनाव के बाद सर्वमत से सूबे के मुख्यमंत्री चुने गये भजन लाल शर्मा के बारे में कहा जा सकता है कि ये नये नये राजनेता तथा सूलझे हुए संगठन के कार्यकर्ता हैं. भरतपुर के नन्दबई से आने वाले शर्मा जी के पिता का नाम किशन स्वरूप शर्मा और माँ का नाम गोमती देवी हैं. ये अपने स्कूल के दिनों से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ जुड़ गये तथा बाद में जिला सह प्रमुख भी बने. फिर बीजेपी की यूथ विंग से भी जुड़े तथा 27 साल की आयु में अपने पैत्रक गाँव के सरपंच भी चुने गये. राजस्थान भाजपा संगठन के महासचिव भी ये लगातार चार बार रहे हैं. भजन लाल जी की पढ़ाई की बात करे तो इन्होने राजस्थान विवि से राजनीति में एम ए भी किया हैं.

भजनलाल शर्मा की शिक्षा

पेशे से भजन लाल जी एक ट्रेडर भी है. इनकी शिक्षा और अनुभव की बात की जाए तो इन्होने राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएट कर चुके हैं. राजस्थान विश्व विद्यालय से उन्होंने पोलिटिक्स में मास्टर ऑफ़ आर्ट्स की डिग्री प्राप्त की हैं. वर्ष 1993 में इन्होने ये नॉन कॉलेज डिग्री हासिल की थी. भजनलाल ने एमएसजे कॉलेज भरतपुर से वर्ष 1989 में बीए अर्थात स्नातक की पढाई की तथा राजस्थान बोर्ड से 1984 में दसवीं व 1986 में बाहरवीं की परीक्षा उतीर्ण की है.

भजनलाल शर्मा की कमाई व नेट वर्थ

जैसा कि हमने पूर्व में बताया कि भजन लाल शर्मा पेशेवर रूप से एक ट्रेडर है उनके बच्चे फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं. जब इन्होने विधान सभा का चुनाव लड़ा तो चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में अपनी चल अचल सम्पति का विवरण भी दिया हैं. उनके द्वारा दिए गये डेटा के अनुसार वे डेढ़ करोड़ रु की सम्पति के स्वामी हैं. जिनमें 50 लाख चल सम्पति तथा करीब 1 करोड़ रु की अचल सम्पति उनके नाम हैं. वही उनके सम्पति विवरण में इस बात का ब्यौरा भी मिला है जिसमें इनके बैंक खाते कुल 11 लाख रु भी जमा है. शर्मा जी पर 35 लाख रु की लेन दारी भी हैं.

भजन लाल शर्मा की राजनीतिक करियर की शुरुआत

अपने विद्यार्थी जीवन में ही भजन लाल जी ने पढ़ाई के साथ साथ सक्रिय राजनीति में रूचि दिखानी आरम्भ कर दी थी. वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से स्कूल टाइम से ही जुड़कर संगठन के सेवा कार्य में लग गये. यही वजह है कि समाज की समस्याओं उसकी विविधता तथा धरातल की सच्चाई को समझने में इन्हें बहुत मदद भी मिलती हैं. गाँव के सरपंच से इन्होंने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की. वे 2003 में MLA का चुनाव भी लड़े मगर उन्हें पराजित होना पड़ा था. जब 2023 में पहली बार विधायक बने तो उनके संघर्ष और निष्ठा ने उन्हें राजस्थान का मुखिया बना दिया.

भजन लाल शर्मा का राजनीतिक करियर

बात करते है भजन लाल शर्मा जी के राजनैतिक करियर की तो इनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत 27 साल की युवावस्था में अपने ही गाँव के सरपंच बनने से हो जाती हैं. वर्ष 2003 के विधानसभा में इनको सामजिक न्याय मंच की ओर से MLA टिकट मिली तथा ये नंदबई से चुनाव लड़े मगर बहुत बुरा हश्र हुआ. अपने पहले बड़े चुनाव में भजन लाल की जमानत जब्त हो गई इनको केवल 5900 मत प्राप्त हुए थे.

विधानसभा चुनाव 2023 में इनको भारतीय जनता पार्टी ने सुरक्षित सीट सांगानेर से चुनाव लडवाया. यहाँ उनका नजदीकी मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी से था, इसमें शर्मा जी को सम्मानजनक विजय प्राप्त हुए और ये न केवल पहली बार राजस्थान विधानसभा में पहुंचे बल्कि इनको मुख्यमंत्री जैसे पद पर भी बिठा दिया.

भजन लाल शर्मा की राजनीतिक यात्रा की बात करे तो ये भरतपुर बीजेपी जिला अध्यक्ष व यूथ विंग की आला कमान भी सम्भाल चुके हैं. राजस्थान बीजेपी के लगातार चौथी बार महासचिव के रूप में भी चुने गये. इस तरह एक छोटी मगर रोचक राजनैतिक सफर के साथ नंदबई का एक पार्टी कार्यरता 15 दिसम्बर 2023 को राजस्थान के 14 वें मुख्यमंत्री बन गये.

14 वें मुख्यमंत्री चुने गये भजनलाल शर्मा

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री के चेहरों को लेकर हर किसी को चौकाया हैं. पार्टी ने दशकों से राज्य की टॉप लीड में रहे राजनेताओं को दरकिनार कर नयें व निष्ठावान कार्यकर्ताओं को मौका दिया हैं. बीजेपी के इस चरित्र के उदाहरण हम मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, छतीसगढ़ यूपी और अब राजस्थान में भी देख चुके हैं. पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज नेत्री वसुंधरा राजे की जगह भजन लाल शर्मा को चुनना पार्टी में लोकतंत्र और नये लोगों को मौका देने की दिशा में बेहतरीन कदम माना जा रहा हैं. शर्मा के साथ ही राज्य में पहली बार दो उप मुख्यमंत्री भी बनाए गये है.

भजन लाल शर्मा क्यों बनाये गये CM

भाजपा ने 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री के रूप में कोई भी चेहरा प्रोजेक्ट किए बगैर ही प्रधानमंत्री के फेस पर यह चुनाव लड़ा था. इससे यह बात स्पष्ट थी बीजेपी कुछ नया प्रयोग अपनाने वाली हैं. हुआ भी वैसा ही मोदी के नाम पर लड़े गये चुनावों में सीएम का चेहरा भी मोदी की पसंद का ही होगा. बता दे भजन लाल शर्मा प्रधानमंत्री मोदी की राजस्थान में होने वाली अधिकतर जन सभाओं को संचालित करते थे. जाहिर है उनकी कार्य प्रणाली से पीएम मोदी में भरोसा जगा हो और उनकी अनुशंसा पर भजन लाल सूबे के नये सीएम बनाए गये हो. साथ ही लोकसभा चुनाव 2024 से पूर्व बीजेपी सुवर्ण वोटर को आकर्षित करने के लिए भी इस तरह की पहल कर सकती हैं.

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